Gurmeet singh chandhok

Aravalli Case Update: अरावली केस पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपनी ही फैसले पर रोक लगा दी है। SC ने अरावली पहाड़ियों को लेकर पहले दिए आदेश पर अभी फिलहाल के लिए रोक लगा दी हैं।
जब तक की एक नई समिति नहीं बन जाती तब तक ये फैसला लागू रहेगा। बताते चलें कि इस मामले में देश की जनता से लेकर सियासी तक का पारा हाई है। पर्यावरण प्रेमी भी अरावली के साथ छेड़छाड़ के इस फैसले के सख्त खिलाफ हैं।
अरावली केस में अपने ही फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक Aravalli Case Update
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर को अरावली हिल्स पर अपना फैसला सुनाया था। अब इसी पर रोक लगाते हुए उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से इस मामले पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 21 जनवरी को तय की गई है। ये फैसला सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ द्वारा सुनाया गया है।
एक्सपर्ट की टीम करेंगी अध्ययन
फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि इसका अध्ययन एक समिति करेगी। समिति में वो लोग होंगे जो इन पहाड़ियों की बनावट और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का काम करेंगे। बता दें कि अरावली की ये पहाड़ियां थार रेगिस्तान को गंगा के मैदानों की तरफ बढ़ने से रोकती हैं। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि फैसला लेने से पहले सभी पहलुओं पर अच्छी तरह सोचा जाए। साथ ही विशेषज्ञों के फैसले को महत्व दिया जाए।
क्या था पहले का फैसला? SC On Aravalli Hills
सुप्रीम कोर्ट ने इसपर पहले फैसला सुनाते हुए अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं की एक जैसी परिभाषा को मंजूरी दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की सिफ़ारिशों के बाद अरावली की इस डेफिनिशन को स्वीकार किया था। जिसके मुताबिक उन्हीं हिस्सों को अरावली पहाड़ी माना जाएगा जो आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर यानी 328 फीट या उससे ज्यादा हो।
